Knowledge: क्या आप पार्ले-जी के `G` का सही मतलब जानते हैं?
क्या आप जानते हैं पार्ले जी में `G` का इस्तेमाल क्यों किया जाता था. आज के Knowledge पैकेज में इसी के बारे में बताएंगे.
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नई दिल्ली: देश में अगर बिस्कुट का नाम लिया जाए, तो सबसे पहले पार्ले-जी (Parle G) ही ज़बान पर आता है. 90 के दशक के बच्चों को अपना वह दौर भी याद होगा, जब चाय के साथ पार्ले जी का कॉम्बिनेशन फेमस हुआ करता था. यहां तक की पार्ले जी के एड भी काफी लोकप्रिय थे. उसके पैकेट पर छपी लड़की की तस्वीर को लेकर भी कई किवदंतियां सुनाई जाती थीं. एक और बात भी लोगों के ज़बान पर रहती थी. वो थी G का मतलब जीनियस. लेकिन आप जानते हैं इस G का असली इस्तेमाल क्यों किया जाता था? आज के Knowledge पैकेज में इसी के बारे में बताएंगे.
पार्ले-जी के 'G' का सही मतलब
इस कहानी शुरुआत पार्ले के नाम से शुरू होती है. आजादी से पहले पार्ले जी का नाम ग्लूको बिस्कुट हुआ करता था. द्वितीय विश्व युद्द के दौरान भारतीय और ब्रिटिश दोनों ही सैनिकों का यह पंसदीदा बिस्कुट हुआ करता था. लेकिन आजादी के बाद ग्लूको का उत्पादन रुक गया. दरअसल, इसे बनाने के लिए गेंहू का इस्तेमाल किया जाता था और देश में उस वक्त अन्न संकट उत्पन्न हो गया था.
हालांकि, जब दोबारा उत्पादन शुरू हुआ, तो कई कंपनियां टक्कर में आ गईं. खासकर ब्रिटानिया ने ग्लोकज़-डी से मार्केट पर कब्जा जमाने की कोशिश की. तब ग्लूको बिस्कुट को दोबारा लॉन्च किया गया. इस समय ही इसका नाम पार्ले-जी रखा गया और कवर पर छोटी-सी लड़की की फोटो लगा गई. बताया जाता है कि पार्ले नाम मुंबई के विर्ले-पार्ले इलाके से लिया गया. जहां इसकी फैक्ट्री हुआ करती थी. वहीं, G का मतलब ग्लोकज से था. दरअसल, पार्ले-जी ग्लोकज़ बिस्कुट है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2000 में 'G का मतलब जीनियस' प्रमोट किया गया.
क्या है लड़की की कहानी
पार्ले-जी पर छपी लड़की को लेकर कई किस्म की कहानियां प्रचलित हैं. हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जाता है कि इस लड़की को उस वक्त के फेमस कलाकार मगनलाल दइया ने बनाया था. कहानी और नाम जो भी हो, लेकिन आज के समय पार्ले हर महीने करीब 1 अरब पेकैट्स बिस्कुट का उत्पादन करता है.
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