इस साल इन 10 फसलों का होगा बीमा, किसानों के पास 31 जुलाई तक है मौका

 इस साल इन 10 फसलों का होगा बीमा, किसानों के पास 31 जुलाई तक है मौका

इस साल इन 10 फसलों का होगा बीमा, किसानों के पास 31 जुलाई तक है मौका


 

PM Fasal Bima Yojana-2021: स्वैच्छिक होने के बावजूद हर साल प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जुड़ रहे हैं  5. 5 करोड़ से अधिक किसान.


TV9 HindiUpdated On - 1:00 pm, Sun,  4 July 21Edited By: ओम प्रकाश





किसानों के लिए बड़े काम की है ये स्कीम.


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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY-PM Fasal Bima Yojana) के तहत उत्तर प्रदेश के किसान भाई 31 जुलाई तक अपनी फसलों का इंश्योरेंस करवा सकते हैं. एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड (AIC) के मुताबिक खरीफ सीजन में 10 फसलों का बीमा किया जा सकेगा. इनमें धान (Paddy), ज्वार, बाजरा, मक्का, उड़द, मूंग, अरहर, तिल, सोयाबीन और मूंगफली शामिल हैं. इन फसलों को जोखिम मुक्त रखना चाहते हैं तो अगले 25 दिन के अंदर बीमा योजना में शामिल हो जाईए.


कंपनी के मुताबिक योजना के तहत प्राकृतिक आपदाओं, सूखा, भू-स्खलन, प्राकृतिक आग, तूफान, ओलावृष्टि और चक्रवात के कारण फसल नुकसान से उपज में कमी होने पर योजना के प्रावधान एवं राज्य अधिसूचना के अनुसार क्षतिपूर्ति दी जाएगी. किसानों (Farmers) को बीमित रकम का सिर्फ 2 फीसदी प्रीमियम देना होगा. 

बीमा करवाने के लिए यहां करें संपर्क


-बैंक के किसी भी निकटतम ब्रांच, जहां आपका अकाउंट है. सहकारी समिति में भी यह सुविधा मिल सकती है.

-ग्राहक सेवा केंद्र या कॉमन सर्विस सेंटर से यह सुविधा ले सकते हैं.

-क्रॉप इंश्योरेंस ऐप (Crop Insurance App) से भी इसका लाभ लिया जा सकता है.

-एआईसी के अधिकृत प्रतिनिधि या कार्यालय में भी यह सुविधा मिलती है.


किसानों को कितना फायदा


केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के मुताबिक पीएम फसल बीमा योजना किसानों के लिए फायदे का सौदा है. राष्ट्रीय स्तर पर योजना की शुरूआत ( 13 जनवरी 2016) से दिसंबर-2020 तक किसानों ने लगभग 19 हजार करोड़ रुपये का प्रीमियम भरा, जिसके बदले उन्हें लगभग  90 हजार करोड़ रुपये का भुगतान क्लेम के रूप में मिला. इसलिए किसान को इसमें शामिल होकर अपनी फसलों को रिस्क से बचाना चाहिए.


स्वैच्छिक होने के बावजूद जुड़ रहे करोड़ों किसान


पीएम फसल बीमा योजना को अब सरकार ने स्वैच्छिक कर दिया है. यानी अब किसान की मर्जी के बिना सरकार बीमा नहीं कर सकेगी. जबकि पहले ऐसा नहीं होता था. खासतौर पर किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) लेने वालों को इसमें जबरन शामिल करके उनके लोन की रकम में से प्रीमियम काट लिया जाता था. इसे स्वैच्छिक किए जाने के बावजूद हर साल  5. 5 करोड़ से अधिक किसान इस स्कीम से जुड़ रहे हैं. 

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के मुताबिक पीएम फसल बीमा योजना किसानों के लिए फायदे का सौदा है. राष्ट्रीय स्तर पर योजना की शुरूआत ( 13 जनवरी 2016) से दिसंबर-2020 तक किसानों ने लगभग 19 हजार करोड़ रुपये का प्रीमियम भरा, जिसके बदले उन्हें लगभग  90 हजार करोड़ रुपये का भुगतान क्लेम के रूप में मिला. इसलिए किसान को इसमें शामिल होकर अपनी फसलों को रिस्क से बचाना चाहिए.






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