किसान नई तकनीक को अपना योजनाओं का लाभ उठाएं
4 वर्ष पहले
प्रधानमंत्रीने 2022 तक किसानों की आय दुगुनी करने का लक्ष्य रखा है। कृषि मेला एवं प्रदर्शनी नई तकनीक सीखने एवं अपनाने में अहम भूमिका निभाएगी। राज्य एवं भारत सरकार की किसान हित में चलाई जा रही योजनाओं का किसान लाभ उठाएं।
यह बात कृषि विज्ञान केंद्र दांता में आयोजित जिला स्तरीय किसान मेला एवं प्रदर्शन के दौरान मुख्य अतिथि कलेक्टर सुधीर कुमार शर्मा ने कही। इससे पूर्व कलेक्टर ने मेले में लगी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने कहा, इन प्रदर्शनियों से किसान नई तकनीक देख अपने यहां अपनाएं। उपनिदेशक कृषि विस्तार किशोरीलाल वर्मा ने अतिथियों एवं किसानों का स्वागत किया। उन्होंने कहा, आत्मा द्वारा प्रतिवर्ष इस तरह के मेलों का आयोजन किया जाता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संयुक्त निदेशक कृषि जोधपुर डॉ.वी.के.पांडे ने कहा कि जिले के किसान नई तकनीक को अपना कर लाभ प्राप्त कर रहे हैं। चौहटन प्रधान कुंभाराम सेंवर ने कहा कि किसानों को कृषि उत्पादों का उचित मूल्य मिलना चाहिए। किसानों को नई तकनीक को अपनाने की सलाह दी। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डाॅ.प्रदीप पगारिया ने कहा पिछले 5-6 सालों में कृषि में क्रांतिकारी परिवर्तन आया है। केवीके गुड़ामालानी डाॅ.जीवाराम वर्मा ने किसानों की विभिन्न फसल संबंधी समस्याओं का समाधान किया। प्रगतिशील किसान रणवीर भादू ने किसानों की समस्याओं के बारे में अवगत कराया। इससे पूर्व सहायक निदेशक पदमसिंह भाटी ने कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी दी। सहायक निदेशक उद्यान कजोड़मल कुमावत ने किसानों को उद्यान विभाग के योजनाओं की जानकारी दी। सल्फर मिल्स लिमिटेड के सचिंत कुमार ने सल्फर के उपयोग करने की सलाह दी। बायर क्राॅपसाइंस के राहुल मिश्रा ने अनार में लगने वाली विभिन्न बीमारियों एवं उपचार बताया। केयर्न इंडिया के सीएसआर हैड मनोज अग्रवाल ने केयर्न द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।
केंद्र सरकार खेती को आधुनिक और ज्यादा आय योग्य बनाने के लिए टेक कंपनी माइक्रोसाफ्ट की मदद लेगी. इसके लिए कृषि मंत्रालय ने माइक्रोसॉफ्ट इंडिया के साथ एक समझौता किया है. इस करार का मकसद तकनीक के जरिए खेती की लागत कम करना और किसानों का उनकी फसलों का बेहतर दाम दिलाना है. समझौते के मुताबिक, माइक्रोसॉफ्ट इंडिया फसल कटाई के बाद प्रबंधन और वितरण समेत स्मार्ट व व्यवस्थित खेती के लिए किसान इंटरफेस डेवलप करेगी. देश के छह राज्यों (उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, गुजरात, हरियाणा, राजस्थान व आंध्रप्रदेश) के 10 जिलों में चुने गए 100 गांवों में इसको लेकर एक पायलेट प्रोजेक्ट शुरू होने जा रहा है.
डिजिटल एग्रीकल्चर पर जोर
केंद्रीय कृषि नरेंद्र सिंह तोमर की मौजूदगी में कृषि मंत्रालय और माइक्रोसॉफ्ट इंडिया ने यहां एक समझौता पर हस्ताक्षर किए. इस मौके पर कृषि मंत्री ने कहा कि डिजिटल एग्रीकल्चर की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कल्पना अब साकार हो रही है. उन्होंने कहा, साल 2014 में प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद से मोदी ने खेती-किसानी में आधुनिक तकनीक के उपयोग पर बहुत बल दिया है, ताकि इसके जरिए किसानों को सुविधा हो और उनकी आमदनी बढ़ सके. टेक्नोलॉजी के उपयोग से किसानों के लिए खेती मुनाफे का सौदा बनेगी, साथ ही नई पीढ़ी भी कृषि की ओर आकर्षित होगी.
किसानों को सीधे फायदा
केंद्रीय मंत्री तोमर ने कहा कि सरकार की ट्रांसपरेंसी की सोच के अनुरूप प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान) सहित अन्य योजनाओं की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा कराई जा रही है. मनरेगा में भी ऐसा ही हो रहा है. उन्होंने कहा, मनरेगा का सारा डेटा सरकार के पास उपलब्ध है, जिससे आज मजदूरी की राशि सीधे मजदूरों के बैंक खातों में जाती है. आज मनरेगा में लगभग 12 करोड़ लोग जॉब कार्डधारी है, जिनमें से लगभग 7 करोड़ लोग काम प्राप्त करने के लिए आते रहते हैं.
कृषि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़
उन्होंने कहा कि कृषि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. कृषि क्षेत्र ने कोरोना महामारी जैसी खराब हालातों में भी देश की अर्थव्यवस्था में सकारात्मक योगदान दिया है. कृषि का कोई भी नुकसान देश का ही नुकसान होता है, इसलिए प्रधानमंत्री ने अनेक कार्य हाथ में लिए हैं. एक के बाद एक स्कीम लाई जा रही है. जिससे छोटे किसानों के लिए खेती मुनाफे लायक बन सके.
Zee Business App: पाएं बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, इकोनॉमी और ट्रेडिंग न्यूज, देश-दुनिया की खबरें, देखें लाइव न्यूज़. अभी डाउनलोड करें ज़ी बिजनेस ऐप.
share And comment Kare.........
Thanks for watching..................
No comments:
Post a Comment